महान' और लघु' परम्परा

 प्रश्न : “महान' और “लघु' परम्परा से आप क्‍या समझते हैं?

उत्तर : समाजशास्री रॉबर्ट रेडफील्ड ने समाज के सांस्कृतिक आचरणों का वर्णन करने के लिए महान और “लघु' परम्परा को परिभाषित किया है।

“महान परम्पराएँ वह थीं जिनका पालन समाज के प्रभुत्वशांली वर्ग जैसे, राजा, पुरोहित आदि करते थे। इन कर्मकाण्डों और पद्धतियों का किसान और सामान्य जन भी किया करते थे।

लघु' परम्पराएँ लोकाचारों और रीतिं-रिवाजों से आयी हुईं होती थीं और आम लोग इसका पालन करते थे। यह “महान' परम्परा से भिन्न थी।

समय के साथ इन दोनों परम्पराओं में समय के साथ परस्पर आदान- प्रदान हुए और इनमें परिवर्तन हुए

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