द्वितीय विश्व-युद्ध के प्रति भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस

 

प्रश्न : द्वितीय विश्व-युद्ध के प्रति भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का क्‍या दृष्टिकोण था?

 

उत्तर : (I) जब द्वितीय विश्व-युद्ध प्रारम्भ हुआ तो अँगरेजी सरकार ने भारतीय नेताओं से परामर्श

किये बिना हो भारत को जर्मनी के विरुद्ध युद्धरत राष्ट्र घोषित कर दिया। काँग्रेस ने इसका विरोध किया।

(II) महात्मा गाँधी और जवाहर लाल नेहरू ने फैसला लिया कि अगर अँग्रेज युद्ध होने के बाद भारत

को स्वतंत्रता देने पर राजी हों तो काँग्रेस उनके युद्ध प्रयासों में सहायता दे सकती है। सरकार ने काँग्रेस के

प्रस्ताव को गानने से इन्कार कर दिया। इसके विरोध में काँग्रेसी मंत्रिमंडलों ने अक्तूबर 1939 ई. में

त्यागपत्र दे दिया।

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